ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा- जीकेसी के कार्यक्रम चुनाव के मद्देनजर नहीं होते। मात्र तीन साल में 24 देशों में, भारत के 23 प्रांतों में और 400 जिलों में जीकेसी की सशक्त उपस्थिति है। संकल्प लें कि जहां हमारा भाई होगा, हम उसके साथ होंगे। जीकेसी का लक्ष्य 1000 नेता तैयार करना है। नेता तैयार कीजिए तभी आप मजबूत होंगे। स्थापना के 8वें महीने में ही दिल्ली के तालकटोरा स्टैडियम को खचाखच भरना 150से अधिक जगहों पर शंखनाद यात्राएं करना और इनकी खबरों को 200-250 अलग- अलग मडिया में स्थान प्राप्त करना जीकेसीे की बड़ी उपलब्धियां हैं।
पटना, मुकेश महान। कायस्थों के सामाजिक आर्थिक एवं राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए जीकेसी संकल्पित है। ये बातें ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ़्रेंस की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का उद्घाटन करते हुए ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कही। श्री प्रसाद ने सम्राट ललितादित्य, प्रतापादित्य और महराजा कृष्णदेव राय के स्मरण करते हए कहा कि कायस्थों की तलवार की धार इतिहास ने देखा है। उन्होंने कहा कि हम कलम और तलवार दोनों ही चलाना जानते हैं।

ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद कहा कि जीकेसी का वैश्विक सफ़र दो दर्जन से ज़्यादा देशों एवं भारत के अधिकतर राज्यों तक पूरा होकर अन्य क्षेत्रों में विस्तार की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि अब रोज़गार के अवसर बढ़ रहे हैं।नौकरियों के परंपरागत सोंच से अलग हटकर स्टार्टअप ,एमएसएमई एवं कुटीर उद्योगों की स्थापना के माध्यम से अनेक रोज़गार सृजित करने की दिशा में हमें बढ़ना चाहिए। जीकेसी के विंग सीसीसीआई के माध्यम से हम तकनीकी परामर्श उपलब्ध करायेंगे।वहीं इस क्षेत्र में भारत सरकार एवं बिहार सरकार की उद्यमी योजनाओं का लाभ समाज ले, इसके लिए ज़िला इकाइयाँ सहयोग करेंगी।
प्रबंध न्यासी रागनी रंजन ने कहा- आपको याद करना होगा कि आपके पूर्वज कहां थे। फिर से आप सबों को अगली कतार में खड़े होने की जरूरत है।याद रखिए कोशिश करने की कभी हार नहीं होती।
मौके पर प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने कहा कि जीकेसी ने कुछ कुटीर उद्योग पटना एवं मुजफ्फरपुर में स्थापित किए हैं। अन्य स्थानों पर भी स्थानीय इकाइयाँ इसके लिए प्रयत्नशील हैं। हमारे उत्पादों की मार्केटिंग के लिए बेहतर रणनीति बन रही है। वहीं गो ग्रीन अभियान भी पर्यावरण की चुनौतियों से निबटने में सहायक होगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाधयक्ष और सेवा एवं मानवाधिकार प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. नम्रता आनंद ने संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया। हरियाणा प्रदेश जीकेसी की अध्यक्ष रजनी श्रीवास्तव ने संगठन के कार्यों में महिलाओं की सशक्त भागीदारी की प्रशंसा की।
रजनी श्रीवास्तव ने कहा –हमलोग आखिर कब तक बंटे रहेंगे। जीकेसी भविष्य की पीढ़ियों के लिए काम कर रही है। इससे जुड़ें और इसे मजबूत करें। कमल किशोर ने कहा कि –राजीव रंजन लगातार 30से अधिक प्रांतों का सांगठनिक दौरा करते हैं वो भी अपने पैसे से।उन्हें मजबूत करने की जरूरत है।राजनीतिक दल बताएं कि वो कायस्थों को कब जगह देंगे। जिला इकाई को सक्रिय होने की जरूरत है। इसके अतिरिक्त संगठन में कायस्थ हित में भूमि निष्पादन प्रकोष्ठ गठन की जरूरत है।

बैठक में दी गई सलाह- जानकी- एक प्रतिनिधि मंडल की जरूरत है जो राजनीतिक दलों को कायस्थों की स्थिति बताए। राखी वर्मा – हर जिले में फिर से शंखनाद यात्रा हो। रमेश चंद्र श्रीवास्तव- कायस्थ एकता मजबूत करने, एजुकेशन वीद क्वालिटी और मेडिसिनल प्लांट्स लगाने की सलाह ।
प्रदेश अध्यक्ष दीपक अभिषेक ने कहा कि सदस्यता अभियान ज़ोरदार तरीक़े से चलाने के लिए ज़िला प्रभारियों की नियुक्ति की जा रही है। संबोधन करने वाले अन्य वक्ताओं में कला संस्कृति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम कुमार, नवादा के हरिकृपाल, मुंगेर के नीरज, गया के संजय सिन्हा, औरंगाबाद के कमल किशोर,गोपालगंज की हैप्पी श्रीवास्तव, मुजफ्फरपुर की जानकी, जहानाबाद की राखी वर्मा,सुपौल के रूद्र प्रताप लाल,पूर्णिया के गोपाल सिन्हा,आरा के दिनेश मुन्ना, समस्तीपुर के मनीष कुमार सिन्हा,जमुई के प्रवीण कुमार सिन्हा प्रमुख थे।
इसके पहले भगवान चित्रगुप्त की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर और दीप जला कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। बाद में कायस्थ एंथम की प्रस्तुति हुई। फिर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता कमल किशोर द्वारा संपादित मासिक ‘कायस्थ समाचार’ अखबार का लोकार्पण किया गया।
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इस कार्यक्रम में आए सभी आगंतुकों को अंगवस्त्र से सममानित भी किया गया । कार्यक्रम में संजय कुमार सिन्हा, दीप श्रेष्ठ, मुकेश महान, प्रियरंजन, दिलीप कुमार सिन्हा, नीलेश रंजन, नंदा कुमारी, धनंजय प्रसाद, अनिल कुमार दास, आशुतोष ब्रजेश,रश्मि सिन्हा,रवि सहाय, बलराम, रवि सिन्हा, सुशील श्रीवास्तव, रचना सिन्हा, दिवाकर वर्मा, आराधना रंजन, रानेश रौशन, ऋषि राज, बिंदुभूषण प्रसाद, अजय अम्बस्ठ, ज्योतिष कुमार सिन्हा, अमित प्रकाश श्रीवास्तव,विनय देवकुलीआर, अतुल कुमार दास, कृष्ण गोपाल सिन्हा, नीलेश वर्मा नील,चेतन श्रीवास्तव,जयंत मल्लिक, प्रियदर्शी हर्षवर्धन, नवीन कुमार सिन्हा, उमेश श्रीवास्तव, ललित कुमार सिन्हा, सुशांत सिन्हा, आलोक वर्मा सहित सैंकड़ों जीकेसियन मौजूद थे।





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