पटना, मुकेश महान। आज 14 अप्रैल 2026 दोपहर 3बजे नीतीश कुमार के आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के साथ ही बिहार की राजनीति में दो दशक के एक लंबे विकासपरक युग का अंत हो गया। इसके पहले आज लगभग ग्यारह बजे नीतीश सरकार कैविनेट की आज आखिरी बैठक संपन्न हुई। अपनी आखिरी बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सबको धन्यवाद दिया दिया। आखिरी कैविनट का यह पल बहुत ही भावुक था। कइयों के आंखें नम थीं। उनका इस्तीफा तो पिछले हफ्ते राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के साथ ही तय हो चुका था। इसके लिए खरमास खत्म होने का इंतजार किया जा रहा था। आज खरमास खत्म होते ही तमाम प्रक्रियाएं शुरु हो चुकी हैं। खास बात है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद भाजपा के लिए मुख्यमंत्री पद का मार्ग प्रशस्त हो गया।
सत्ता का यह हस्तांतरण गठबंधन की शर्तों के अनुसार भाजपा अब राज्य में बड़े भाई की भूमिका में हो सकती है और पहली बार अपना मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी में है।
नीतीश कुमार का इस्तीफा बिहार की राजनीति में केवल एक चेहरे का बदलना नहीं है, बल्कि बिहार में एक पूरी राजनीतिक शैली का बदलाव माना जा रहा है। 2005 से राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश अब दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होंगे। कल यानी 15 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह होना है। इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की भी उम्मीद है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज पहले ही पटना पहुंच चुके हैं।
अगला मुख्यमंत्री कौन
अगले मुख्यमंत्री की दौड़ में कई नाम प्रमुखता से उभर रहे हैं।सम्राट चौधरी– वर्तमान उपमुख्यमंत्री और बिहार भाजपा के आक्रामक चेहरे। उन्हें इस पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। नित्यानंद राय – केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और बिहार भाजपा के कद्दावर नेता हैं। उन्हें पार्टी आलाकमान का भरोसेमंद माना जाता है और वे मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं। लखेन्द्र कुमार रौशन (लखेन्द्र पासवान)– बिहार के अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण मंत्री हैं। उनके नाम की चर्चा तब तेज हुई जब उन्होंने हाल ही में नीतीश कुमार से मुलाकात की। वे एक दलित चेहरे के रूप में उभरे हैं। निशांत कुमार: नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने भी हाल ही में राजनीति में सक्रियता बढ़ाई है, और चर्चा है कि उन्हें नई कैबिनेट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है।
भाजपा का मुख्यमंत्री
यह तय है कि इस बार मुख्यमंत्री भाजपा से होगा। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद भाजपा राज्य में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। आज शाम को भाजपा विधानमंडल दल की बैठक आधिकारिक रूप से नए नेता का चुनाव किया जाएगा।सत्ता का नया समीकरण 20 साल में पहली बार मुख्यमंत्री भाजपा से होने की उम्मीद है। चर्चा के अनुसार जदयू से दो उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं, जिनमें से एक नाम निशांत कुमार का भी हो सकता है। अगला मुख्यमंत्री के तौर पर हाल के दिनों कई नेताओं की चर्चा हो रही थी। श्रेयसी सिंह,प्रेम कुमार, संजय मयुख, भाजपा से तो जदयू के संजय कुमार झा और विजेंद्र प्रसाद यादव जैसे दिग्गजों के नामों पर भी चर्चा होती रही है।





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