पटना,मुकेश महान। वरिष्ठ पत्रकार और धार्मिक पुस्तक लेखक जितेन्द्र कुमार सिन्हा की दूसरी पुस्तक कायस्थ विरासत चित्रगुप्त से चार धाम तक का विमोचन आज पुनाईचक में किया गया। इस अवसर पर डाइरेक्टर रहे वरिष्ठ पत्रकार ग्लोवल कायस्थ कांफ्रेंस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मुकेश महान और नीलकमल, जीकेसी के ग्लोवल उपाध्यक्ष सह पटना उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार अभिषेक और पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता संजय कुमार सिन्हा सहित पुस्तक लेखक जितेन्द्र कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से पुस्तक विमोचन किया। रेखांकित करने वाली बात है कि इसके पहले भगवान भोलेशंकर पर जितेंद्र सिन्हा की एक शोधपरक पुस्तक शिव तत्व प्रकाशित हो चुकी है। उनकी अगली पुस्तक भगवान हनुमान पर आधारित है और अभी प्रकाशनाधिन है।
मौके पर मुकेश महान ने कहा कि धर्म पर या या धार्मिक पुस्तक लिखने वालों की आज बेहद कमी महसूस की जा रही थी। ऐसे में लगातार धार्मिक पुस्तक लिखते रहने के लिए जितेन्द्र सिन्हा जी सादुवाद के पात्र हैं। उनकी लेखनी सरल और सहज होने के साथ साथ आसानी से समझ में आ जाने वाली होती है। उनकी यह शैली कायस्थ विरासत में भी दिखती है। उम्मीद है कि वो आगे भी लिखते रहेंगे।
पत्रकार नीलकमल ने कहा कि जितेन्द्र जी लगातार धार्मिक पुस्तकें लिख कर धार्मिक लेखक के तौर पर खुद को स्थापित कर रहे हैं।यह महत्वपूर्ण बात है। दूसरे लेखकों को भी उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
जीकेसी ग्लोबल अध्यक्ष दीपक अभिषेक ने अपनी अभिव्यक्ति में कहा कि भगवान चित्रगुप्त पर वैसे तो ढेर सारी पुस्तकें पहले भी लिखी जा चुकी हैं। लेकिन यह पुस्तक उन सब से अलग इसलिए है कि यह शोधपरक है। यह पुस्तक कायस्थों,कायस्थों के देवता भगवान चित्रगुप्त और कायस्थों के चार धाम पर विस्तार से जानकारी देती है। वरिष्ठ अधिवक्ता संजय सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि जितेंद्र जी बहुमुखी प्रतीभा के धनी व्यक्ति हैं। वे पहले से ही विभिन्न विषयों पर लेख आलेख और समाचार लिखते रहे हैं। अब वो पुस्तक लेखन का काम कर रहे हैं। यह स्वागत योग्य बात है। हम सब उम्मीद करते हैं कि वो लंबे समय तक के लिए धर्म पर लिखते रहे।
अंत में लेखक जितेन्द्र कुमार सिन्हा न कहा सबसे पहले मैंने राजनीति विषयों पर किताब लिखना शुरू किया था, लेकिन वह अभी तक अधूरा ही है। लेकिन इस बीच देवी देवताओं पर मेरी दो पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और तीसरी पुस्तक अभी प्रेस में है। शायद यह ईश्वर की कृपा ही है। हमारी कोशिश होगी इस लेखन में निरंतरता बनी रहे। Read it-बिहार को मिला एक नया सम्राट, भाजपा को मिला पहला मुख्यमंत्री
मौके पर मुकेश महान ने कहा कि धर्म पर या या धार्मिक पुस्तक लिखने वालों की आज बेहद कमी महसूस की जा रही थी। ऐसे में लगातार धार्मिक पुस्तक लिखते रहने के लिए जितेन्द्र सिन्हा जी सादुवाद के पात्र हैं। उनकी लेखनी सरल और सहज होने के साथ साथ आसानी से समझ में आ जाने वाली होती है। उम्मीद है कि वो आगे भी लिखते रहेंगे।
पत्रकार नीलकमल ने कहा कि जितेन्द्र जी लगातार धार्मिक पुस्तकें लिख कर धार्मिक लेखक के तौर पर खुद को स्थापित कर रहे हैं।यह महत्वपूर्ण बात है। दूसरे लेखकों को भी उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
जीकेसी ग्लोबल अध्यक्ष दीपक अभिषेक ने अपनी अभिव्यक्ति में कहा कि भगवान चित्रगुप्त पर वैसे तो ढेर सारी पुस्तकें पहले भी लिखी जा चुकी हैं। लेकिन यह पुस्तक कायस्थ विरासत चित्रगुप्त से चार धाम तक उन सब से अलग इसलिए है कि यह शोधपरक है। यह पुस्तक कायस्थों,कायस्थों के देवता भगवान चित्रगुप्त और कायस्थों के चार धाम पर विस्तार से जानकारी देती है। वरिष्ठ अधिवक्ता संजय सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि जितेंद्र जी बहुमुखी प्रतीभा के धनी व्यक्ति हैं। वे पहले से ही विभिन्न विषयों पर लेख आलेख और समाचार लिखते रहे हैं। अब वो पुस्तक लेखन का काम कर रहे हैं। यह स्वागत योग्य बात है। हम सब उम्मीद करते हैं कि वो लंबे समय तक के लिए धर्म पर लिखते रहे।
अंत में लेखक जितेन्द्र कुमार सिन्हा न कहा सबसे पहले मैंने राजनीति विषयों पर किताब लिखना शुरू किया था, लेकिन वह अभी तक अधूरा ही है। लेकिन इस बीच देवी देवताओं पर मेरी दो पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और तीसरी पुस्तक अभी प्रेस में है। शायद यह ईश्वर की कृपा ही है। हमारी कोशिश होगी इस लेखन में निरंतरता बनी रहे।



