Shaktipeeth maa harsiddhi temple, Ujjain : उज्जैन के यशस्वी मनस्वी राजा विक्रमादित्य राजघराने की देवी माता हरसिद्धि दशकों से भक्तों की भी आराध्य रही हैं. 51शक्ति पीठों में शुमार यहतीर्थस्थल बाबा महाकाल के क्षेत्र उज्जैन से सीधा सरोकार पर विराजमान हैं जहां भक्ति की सरिता में गोता लगाने दूर दराज से बारहो मास, खासकर शारदीय नवरात्रि में माता रानी का दीदार कर भक्त निहाल होते हैं।
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इसबार भी माताचरण अनुरागी भक्त सुनील सिंह ने बताया कि सावन से लेकर आश्विन मास के
कलशस्थापन तक महाकाल का अनोखा स्नेहवंधन माता से नयना भिराम दृष्य उपस्थापित करता है. खास बात यह है कि हरसिद्धि मां के मंदिर प्राचीर पर ग्यारह सौ एक दीपिका का एक साथ प्रज्वलित होना,वास्तव में,भक्तों का श्रीवर्धन ही है .

Shaktipeeth maa harsiddhi temple, Ujjain इन दीपमाला में उपयोग के लिए लगने वाले शुद्ध तेल की अदायगी से भक्तों का सीधा सरोकार है. भक्तों की व्याकुलता का सहज पता लगाना कठिन है क्योंकि सभी चाहते हैं कि उनका दिया तेल सौभाग्य सूचक बन जाय लेकिन 1101 दीपिका के लिए केवल 60किलो तेल की जरूरत प्रतिदिन संध्या आरती के लिए निर्धारित है. बतौर अग्रिम सावन माह में ही इसबार नवरात्रि का कोटा अर्पित कर दिया है इसलिए अन्य श्रंगार पर अब भक्तों की नजर है.भक्त सुनील सिंह ने बाबा महाकाल व माता हरसिद्धि की महिमा को रेखांकित करते हुए बताया कि यहां साक्ष्य तलाश करने के लिए नहीं पहुंचें बल्कि साध्य बन कर माता के चरण गहेंऔर आचरण शुद्धि करण का वर प्राप्त करें. महाकाल के दरबार में उसी की सुनवाई होती है, जिसे माता रानी की कृपा मिलती है.कहा जाता है कि माता की “कोहनी” यहां गिरी थी.
इस नवरात्रि में 1101 दीपिका प्रज्वलन का साक्षी प्रति शाम हजारों भक्त बन रहे हैं. माता से यही आर्त निवेदन है कि सभी भक्तों को यह अलौकिक सुख प्रदान करने की अनुकंपा करें.
शम्भुदेव झा .