पर्यावरण लेडी ऑफ बिहार के नाम से मशहूर हैं डा. नम्रता आनंद। समाजिक संगठन दीदी जी फाउंडेशन की संस्थापिका हैं। राष्ट्रीय और राजकीय सम्मान सहित देश के बाहर भी सम्मानित हो चुकी हैं।
पटना,संवाददाता। राष्ट्रीय ग्रीन वारियर अवार्ड मिला डा. नम्रता को। राष्ट्रीय-राजकीय सम्मान से अंलकृत समाजसेविका डा. नम्रता आनंद को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ठ योगदान के लिये राष्ट्रीय पर्यावरण योद्धा सम्मान से सम्मानित किया गया।खास बात है कि डा. नम्रता बिहार में पर्यावरण लेडी के नाम से भी जानी जाती हैं।
पीपल नीम तुलसी अभियान के तत्वावधान में युथ होस्टल फ्रेजर रोड पटना में एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार एवं पर्यावरण योद्धा सम्मान समारोह में डा. नम्रता आनंद को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन गोवर्द्धन पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ जी महराज के कर कमलों द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में देश के अन्य राज्यों झारखण्ड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र के 150 पर्यावरण योद्धाओं को सम्मानित किया गया। डा. नम्रता आनंद को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ठ योगदान के लिये पर्यावरण योद्धा सम्मान से सम्मानित किया गया।
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डा. नम्रता आनंद इस सम्मान के लिये पीपल नीम तुलसी अभियान के संस्थापक एवं सह अध्यक्ष डा.धर्मेन्द्र कुमार का शुक्रिया अदा किया है। इस कार्यक्रम में बिहार राज्य के बक्सर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सुपौल, दंरभगा, वैशाली,मुंगेर, बांका, भागलपुर, समस्तीपुर,नवादा, आरा, पटना के पर्यावरण योद्धा शामिल हुये।
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डा. नम्रता आनंद ने बताया कि धरती को बचाने के लिए पर्यावरण संरक्षण करना बहुत जरूरी है। इसलिए लोगों को अपने जीवन में अधिकाधिक पौधे लगाकर पृथ्वी को और अधिक सुंदर बनाना चाहिए। पेड़ पौधे जीवन के आधार हैं। हर व्यक्ति को अपने जीवन के महत्वपूर्ण दिवसों को यादगार बनाने के लिए उस दिन पौधरोपण करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण देने के लिए पौधारोपण हर हाल में किया जाना चाहिए। समय रहते यदि पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया, तो मानव का अस्तित्व ही संकट में पड़ जाएगा। डा. नम्रता आनंद ने अपनी संस्था। दीदीजी फाउंडेशन के बैनर तले और ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के गो ग्रीन अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय भूमिका निभायी है।