खगौल,संवाददाता। नाटक फूल नौटंकी विलास का मंचन। खगौल आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत मंथन कला परिषद द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य एवं मंडल सांस्कृतिक संघ, दानापुर के सहयोग से आयोजित अमृत नाट्य रंग महोत्सव के दूसरे दिन पटना की संस्था प्रांगण के कलाकारों द्वारा ‘’ फूल नौटंकी विलास ” प्रस्तुत किया गया। बिहार की लोक कथाओं तथा किवदंतियों पर आधारित नौटंकी शैली में नाटक “फूल नौटंकी विलास” का अभय सिन्हा निर्देशन ने किया था।
अरुण सिन्हा लिखित नाटक की कहानी में फूल सिंह निम्न जाति का एक वीर योद्धा है, जो नट-नटी से प्रेम नगर की राजकुमारी नौटंकी की प्रशंसा सुनकर उससे मिलने को व्याकुल हो जाता है। पर राजकुमारी को कोई भी युवक यदि आंख उठाकर देखते हुए पाया जाता तो उसे तत्काल मृत्युदंड देने का फरमान क्रूर राजा की ओर दिया जाता है। राजकुमारी नौटंकी भी अपने स्वयंवर के बहाने राजमार्ग पर उससे व्याह के इच्छुक युवाओं को देखते हुए निकल पड़ती और अपनी ओर देखने वाले को मृत्युदंड का फरमान सुना देती। पर फूल सिंह का दिल नहीं मानता। वह एक सुंदर युवती का रुप धारण कर राजकुमारी नौटंकी से घुलमिल कर उसे अपना मुरीद बना लेता है।
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एक दिन सहसा राजकुमारी नौटंकी के मुख से निकल पड़ता है कि यदि तुम मर्द होते तो मैं तुमसे व्याह कर लेती। फूल सिंह कहता है कि यह बात तुम आंख बंद कर तीन बार बोलो। इसके बाद राजकुमारी जब आंखें खोलती है तो वह फूल सिंह को एक मर्द के रुप में पाती है।राजा फूल सिंह को मौत की सजा सुनाता है, पर राजकुमारी अपने वचन पर कायम फूल सिंह को अपना लेती है।
कलाकारों में अरविंद कुमार, अरपिता घोष, संजय सिंह, शान्ति प्रिया, सोमा चक्रवर्ती, प्रीति कुमारी, अमिताभ रंजन, अतीष कुमार, आशुतोष कुमार, ओम प्रकाश ने बेहतरीन अभिनय किया। मनोरंजन ओझा (संगीत),अशोक घोष (रुप सज्जा) एवं रोशन कुमार का ( प्रकाश संयोजन) बी काबिले तारीफ़ था।