पटना, संवाददाता। पटना की चर्चित नाट्य संस्था हज्जु म्यूजिकल थियेटर (एचएमटी) के बैनर तले विलियम शेक्सपियर लिखित नाटक मैकबेथ का मंचन प्रेमचंद रंगशाला पटना में किया गया।इस नाटक के निर्देशक सुरेश कुमार हज्जु थे।
एचएमटी के कलाकारों ने अपने अभिनय प्रतिभा से मैकबेथ की कहानी को बखूबी उजागर किया और नाटक को सहज संप्रेषणीय बना दिया। मैकवेथ प्रिंस राज लेडी मैकबेथ प्रियंका कुमारी, मैकडफ विशाल कुमार, लेडी मैकडफ अंजली कुमारी, बैंको गोपी कुमार, एवं तीन डायनें सुजाता कुमारी, सुप्रीतो राय, प्रियंका कुमारी ने अपनी कलाकारी का बखूबी प्रदर्शन करने में कामयाब हुए।
शेष अन्य कलाकारों सिंघम यादव, विवेक कुमार, हर्ष कुमार, सत्यम कुमार, आदित्य प्रताप ओझा, नील केतु , राहुल कुमार, शंभु देव, अभिषेक कुमार, करण कुमार, सिमरन कुमारी,काजल कुमारी, शशि कुमार, छोटू कुमार ने भी प्रस्तुति को सशक्त बनाने में अपनी महती भूमिका अदा की है।
सुरेश कुमार हज्जु का निर्देशन तो सशक्त था ही, कलाकारों में रिहर्सल का असर भी दिखा। कुछ दृश्यबंध तो प्रशंसनीय थे ही, कलाकारों को ओवर एक्टिंग और अंडर एक्टिंग से भी निर्देशक सुरेश कुमार हज्जु बचाने में सफल रहे। ये ही कारण रहा कि प्रस्तुति सुंदर, संतुलित और आकर्षक बन पड़ी है।

मैकबेथ की कहानी कुछ इस प्रकार है- सता का लालच इंसान को अंधा कर देता है, इंसान हत्या करने से भी नही हिचकता है। लालच और लोभ के ताने बाने से बुनी कहानी मैकबेथ स्कॉटलैंड के राजा डंकन के सेनापति योद्धा लालची मैक्वेथ पर आधारित है, जिसे युद्ध जितने पर उसकी बहादुरी के लिय सम्मानित किया जाता है। युद्ध जीतकर लौटते समय मैकबेथ और बैंको को तीन डायने मिलती हैं, जो मैकबेथ को राजा बनने की भविष्यवाणी करती है। इसी भविष्यवाणी और पत्नी लेडी मैकबेथ के बहकावे ने मैकबेथ को पतन की राह में ढकेल देता है।
राजा डंकन को धोखे से मारकर मैकबेथ राजा बन जाता है। डंकन के बेटे को लगता है की हम दोनों भाइयों को भी मैकबेथ मार देगा, इसलिए भाग जाता है। भागने के बाद मैकबेथ को स्कॉटलैंड के पदाधीकारियों तथा जनता ताज पहनाकर स्कॉटलैंड का राजा बना देता है। सिंहासन पर बैठते ही मैकवेथ अत्याचारी हो जाता है, डायनों की भविष्यवाणी और गलत कामों से मैकबेथ जुझता है, तो लेडी मैकबेथ अपने अपराधों पर पछताते हुए खुद को खत्म कर लेती है।
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उधर राजा डंकन के बेटे मैलकम के साथ सेना भी शमिल हो जाता है, आखिर में शिवोर्ड के बेटा शिवोर्ड मैकवेथ के साथ युद्ध करता है, जिसे मैकबेथ मार देता है, फिर उसके बाद मैकडफ और मैकबेथ में भयानक युद्ध होता है और मैकबेथ मारा जाता है।
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राहुल कुमार राज के संगीत इफेक्ट और राहुल कुमार रवि की प्रकाश परिकल्पना नाटक को दृश्यों और संवादों को उभारने में मददगार साबित हो रहे थे।नाटक के सह निर्देशक थे शब्दा हज्जु।





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