पटना,जितेन्द्र कुमार सिन्हा। व्यक्ति को उनके सेंसरी सिस्टम (संवेदनात्मक तंत्र) के साथ बेहतर तालमेल बनाने में सेंसरी इंटीग्रेशन थेरेपी मदद करती है। यह थेरेपी उस व्यक्तियों को मदद करता है, जिन्हें विभिन्न प्रकार की सेंसरी समस्याएं होती हैं। ये बातें नई दिल्ली के चेतना फाउंडेशन निदेशक डॉ संतोष कुमार ने बिहार कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी एंड आक्यूपेशनल थेरेपी विकलांग भवन अस्पताल द्वारा आयोजित विश्व आक्यूपेशनल थेरेपी दिवस पर अपने संबोधन में कही।
उन्होंने कहा कि सेंसरी सिस्टम में समस्याओं के कारण सेंसरी समस्याएं जैसे कि स्पर्श, ध्वनि, दृष्टि या अन्य इंद्रियों से जुड़ी अति या अल्प संवेदनशीलता। यह थेरेपी न केवल बच्चों के लिए उपयोगी है बल्कि सभी आयु समूहों के लिए फायदेमंद हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों में यह थेरेपी ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर या अन्य विकासात्मक विकारों के लिए दी जाती है। किशोरों एवं युवाओं में यह थेरेपी उन्हें अधिक ध्यान केंद्रित करने, सामाजिक रूप से व्यवहारिक बनाने और शारीरिक संतुलन को सुधारने में मदद कर सकती है। वयस्कों और बुजुर्गों में यह थेरेपी तनाव, चिंता और भावनात्मक समस्याओं के प्रबंधन में सहायक हो सकता है।
कार्यक्रम संयोजक सचिव डॉ अभय कुमार जायसवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस वर्ष का थीम “सभी के लिए व्यावसायिक चिकित्सा” है। यह चिकित्सा शारीरिक, मानसिक या मनोवैज्ञानिक सीमा से निपटने और रोजमर्रा की जिन्दगी को बेहतर प्रबंधन करने में मदद करती है। इससे स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है, साथ ही सामाजिक एवं पारिवारिक गतिविधियों में भाग लेना आसान हो जाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत मानव श्रृंखला बनाकर किया गया। इसके बाद पोस्टर प्रेजेंटेशन हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन विकलांग भवन अस्पताल, पटना के विभागाध्यक्ष डॉ. किशोर कुमार, फिजियोथेरेपी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार,आक्यूपेशनल थेरेपी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ प्रियदर्शी आलोक,चेतना फाउंडेशन नई दिल्ली के निदेशक डॉ संतोष कुमार,एकेडमिक इंचार्ज डॉ एके जायसवाल, डॉ सुभद्रा, डॉ उदय कुमार, डॉ उमेश कुमार, एवं दिव्य रश्मि फाउंडेशन के अध्यक्ष व इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (IFWJ) के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार सिन्हा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
ऑल इंडिया आक्यूपेशनल थेरेपिस्ट संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ पंकज बाजपेई ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा आक्यूपेशनल थेरेपी के महत्व को बताते हुए कहा कि व्यावसायिक चिकित्सा स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम हो सकता है। यह न केवल व्यक्तियों की जीवन गुणवत्ता को सुधारता है, बल्कि उन्हें समाज और कार्यक्षेत्र में सशक्त भी बनाता है।
मौके पर कॉलेज प्रशासन की ओर से दिव्य जीर्णोद्धार फाउंडेशन, पटना के निदेशक व दिव्य रश्मि पत्रिका के संपादक डॉ राकेश दत्त मिश्र, इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (IFWJ) के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार सिन्हा एवं राजनीति चाणक्य पत्रिका के पत्रकार सुरेन्द्र कुमार रंजन को पुष्प गुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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द्वितीय सेशन में कॉलेज के छात्र- छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। अंत में प्रमाण पत्र वितरित किया गया।मंच का संचालन डॉ जबीन, रत्नप्रिया और शिवम ने संयुक्त रूप से किया। पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरण आक्यूपेशनल थेरेपी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ प्रियदर्शी आलोक के द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन आक्यूपेशनल थेरेपी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ प्रियदर्शी आलोक ने किया।





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